Tuesday, February 25, 2025

मार्च 2025 शुभ मुहूर्त: मार्च में बन रहे हैं कई शुभ मुहूर्त, लिस्ट देखकर धार्मिक आयोजनों का प्लान

 


मार्च 2025 शुभ उत्सव: मार्च में बन रहे हैं कई शुभ उत्सव, लिस्ट देखने वाले धार्मिक आयोजनों के प्लान

हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग की सहायता से भगवान के दर्शन अवश्य करें क्योंकि इससे सिद्ध होता है कि शुभ-अशुभ कार्य में किए गए कार्य के परिणाम नीचे दिए गए हैं। मार्च महीने में विवाह से लेकर गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य के लिए कई शुभ उत्सव बन रहे हैं। तो जारी हैं मार्च माह में शुभ त्योहारों की सूची।



पर प्रकाश डाला गया

  1. हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त देखे गए कार्य हैं।
  2. शुभ अभिषेक में दिए गए कार्य शुभ परिणाम देते हैं
  3. मार्च में बन रहे हैं कई शुभ योग और उत्सव। 
  4. धार्मिक सिद्धांतों के अनुसार मांगलिक एवं शुभ कार्य में यदि शुभ मंगलाचरण शामिल हो तो उन्हें देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में अगर आप मार्च माह में शुभ कार्य आदि करना चाहते हैं तो मार्च 2025 में आने वाले शुभ उत्सवों की शुभ तिथियों पर धार्मिक कार्यक्रम देख सकते हैं।
मार्च माह के शुभ मुहूर्त 

सर्वार्थ सिद्धि योग (सर्वार्थ सिद्धि योग 2025)

ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से सर्वार्थ सिद्धि योग को काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में मार्च में 02, 04, 05, 09, 10, 11, 16, 19, 20, 23, 24, 30 मार्च के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

अमृत ​​सिद्धि योग (अमृत सिद्धि योग 2025)
ज्योतिष शास्त्र में अमृत सिद्धि योग को एक शुभ योग माना जाता है। मार्च माह में यह योग केवल दो ही दिन यानी 16 और 19 मार्च को बन रहा है।

गाड़ियाँ और भव्य वस्तुएँ

वाहन की खरीदारी के लिए -   02, 06, 09, 16, 17, 19, 20, 27 और 30 मार्च का दिन शुभ रहेगा।

संपत्ति या घर आदि की खरीद के लिए - मार्च माह में संपत्ति आदि की खरीद के लिए कई उद्देश्य बन रहे हैं, जो इस प्रकार हैं - 09, 13, 19, 20, 29 और 30 मार्च सर्वश्रेष्ठ।


विवाह उत्सव उत्सव - 01, 02, 05, 06, 07, 12 और 14 मार्च विवाह के लिए शुभ रहता है।
गृह प्रवेश उत्सव- 01, 06 और 14 मार्च के दिन गृह प्रवेश के लिए शुभ उत्सव बनाये जा रहे हैं।

जन्मोत्सव के लिए - पंचांग के अनुसार 02, 03, 05, 06, 09, 10, 14, 16, 17, 19, 20, 24, 27, 30 और 31 मार्च का दिन शुभ रहेगा।

अन्नप्राशन उत्सव- 03, 06, 24, 27 और 31 मार्च का दिन अन्नप्राशन उत्सव के लिए शुभ है।
कर्णवेध उत्सव - 02, 15, 16, 20, 26, 30 और 31 मार्च का दिन शुभ है।
उपनयन/जनेऊ संस्कार - मार्च महीने में जनेऊ संस्कार के लिए 01, 02, 14, 15, 16 और 31 मार्च का दिन सबसे उत्तम है।
मार्च माह में 02, 03, 09 और 10 मार्च को विद्यारंभ संस्कार के आयोजन किये जाते हैं।

मुंडन उत्सव - मुंडन के मार्च माह में 03, 17, 21, 27 और 31 तारीख को शुभ उत्सव बन रहा है।  

Monday, February 10, 2025

Shiv Pujan: सोमवार के दिन राशिनुसार भगवान शिव को चढ़ाएं ये चीजें, बनी रहेगी महादेव की कृपा!


 Shiv Pujan: सोमवार के दिन राशिनुसार भगवान शिव को चढ़ाएं ये चीजें, बनी रहेगी महादेव की कृपा!

Shiv Pujan: हिंदू धर्म में सोमवार का दिन बहुत विशेष होता है. ये दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है. मान्याता है कि इस दिन भोलेनाथ का पूजन करने से जीवन की सभी समास्याएं खत्म हो जाती हैं. साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है. अगर शिव जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आपको सोमवार राशिनुसार ये चीजें चढ़ाएं.


Shiv Pooja Ki Vidhi: हिंदू धर्म में हर तिथि और वार अपना विशेष महत्व रखती है. हिंदू धर्म में हर वार किसी न किसी देवता को समर्पित है. सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है. सोमवार का दिन बहुत ही पवित्र माना जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में सोमवार को भगवान शिव के पूजन का विधान है.



हिंदू मान्यताओं के अनुसार…

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को शिव जी का पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन जो भी भगवान शिव का पूजन करता है उस पर भगवान शिव विशेष कृपा करते हैं. सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने वालों के जीवन की सारी मुश्किलें और परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. घर में अन और धन का भंडार भरा रहता है. इस दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए राशिनुसार कुछ विशेष चीजें भगवान शिव को पूजा के समय चढ़ानी चाहिए. इसके अलावा सोमवार को व्रत भी करना चाहिए.



राशिनुसार, भगवान शिव को चढ़ाएं ये चीजें

मेष राशि के जातक सोमवार के दिन भगवान शिव को बेल पत्र चढ़ाएं.

वृषभ राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को खीर अर्पित करें.

मिथुन राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को भांग चढ़ाएं.

कर्क राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को आक के फूल चढ़ाएं.

सिंह राशि के जातक इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करें.

कन्या राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को दूध की मिठाई चढ़ाएं.

तुला राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को इत्र चढ़ाएं.

वृश्चिक राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को पंचामृत चढ़ाएं.

मकर राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को नारियल और कलावा चढ़ाएं.

कुंभ राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को तिल के लड्डू चढ़ाएं.

मीन राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को पीले फूल चढ़ाएं.



सोमवार को शिव जी के पूजन की विधि

सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर साफ वस्त्र पहनने चाहिए. फिर सूर्य देव को जल देना चाहिए. पंचामृत से विधिपूर्वक भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान शिव की प्रतिमा या तस्वीर रखनी चाहिए. भगवान शिव को पूजा के समय सफेद चंदन का तिलक लगाना चाहिए. महादेव को सफेद फूल, धतूरा, भांग और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. महादेव के सामने देशी घी का दीपक जलाना चाहिए. सोमवार की व्रत कथा का पाठ करना या सुनना चाहिए. भगावन को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाना चाहिए. अंत में आरती करके साद का वितरण करना चाहिए.

Som Pradosh Vrat : सोम प्रदोष व्रत आज, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि


 Som Pradosh Vrat : सोम प्रदोष व्रत आज, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि

Som Pradosh Vrat Date : प्रदोष व्रत भोले शंकर को ही समर्पित होते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस समय माघ माह चल रहा है।



Som Pradosh Vrat Date : प्रदोष व्रत भोले शंकर को ही समर्पित होते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस समय माघ माह चल रहा है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़त है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। माघ माह में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में ही पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रदोष काल संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू हो जाता है। कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के सातों दिन के प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व होता है। प्रदोष व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से संतान पक्ष को भी लाभ होता है। इस व्रत को करने से भगवान शंकर और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। माघ माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 27 जनवरी, सोमवार को रखा जाएगा। यह प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। माघ माह का प्रदोष व्रत आज यानी 10 फरवरी, सोमवार को है।


मुहूर्त- आज माघ शुक्ल त्रयोदशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, प्रीति योग, कौलव करण, पूर्व का दिशाशूल और मिथुन राशि में चंद्रमा है। त्रयोदशी तिथि 09 फरवरी को शाम 07:25 पी एम से 10 फरवरी तक है।

प्रदोष काल- 9 फरवरी को शाम 7 बजकर 25 मिनट से रात 9 बजकर 7 मिनट तक।

पूजा-विधि:

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।


स्नान करने के बाद साफ-स्वच्छ वस्त्र पहन लें।

घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।


अगर संभव है तो व्रत करें।


भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।

भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करें।


इस दिन भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है।


भगवान शिव को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।


भगवान शिव की आरती करें।


इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

Tuesday, January 28, 2025

Mauni Amavasya 2024: मौनी अमावस्या पर करें शिव जी की यह आरती, हर बाधा होगी दूर

 



हर महादेव 🕉️ नमः शिवाय🕉️ 🙏🕉️🙏🌍

 प्राचीन श्री गौरी शिव शंकर मनोकामना सिद्ध मंदिर (श्री शिव मन्दिर ) 
 महंत जी :- श्री पप्पू बाबा उर्फ़ श्री राज कुमार पाण्डेय कलेक्ट्रियट घाट पटना इण्डिया 

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Mauni Amavasya 2024: मौनी अमावस्या पर करें शिव जी की यह आरती, हर बाधा होगी दूर



हर महीने में पितरों को प्रसन्न करने के लिए अमावस्या मनाई जाती है। यह तिथि भगवान शिव पितरों और विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए खास मानी जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार मौनी अमावस्या आज यानी 29 जनवरी (Mauni Amavasya 2025) को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर महादेव की उपासना करने से घर में सुख-शांति का आगमन होता है।

HighLights

  1. माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या जाता है।
  2. इस दिन महादेव की आरती जरूर करनी चाहिए।
  3. विशेष चीजों का दान करना शुभ होता है।


माघ के महीने में कई पर्व मनाए जाते हैं। इनमें मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2025) भी शामिल है। इस दिन पितरों तर्पण और पिंडदान किया जाता है। साथ ही पूजा महादेव की पूजा के दौरान आरती जरूर करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन शिव जी की आरती करने से सभी दोष दूर होते हैं और पितृ देव प्रसन्न होते हैं। साथ ही जीवन की हर बाधा दूर होती है।


।।शिव जी की आरती।।

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

॥ श्री गंगा मैया आरती ॥

नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्,

सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् ।

भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं,

हर हर गंगे, जय माँ गंगे,

हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥

ॐ जय गंगे माता,

श्री जय गंगे माता ।

जो नर तुमको ध्याता,

मनवांछित फल पाता ॥

चंद्र सी जोत तुम्हारी,

जल निर्मल आता ।

शरण पडें जो तेरी,

सो नर तर जाता ॥

॥ ॐ जय गंगे माता..॥

पुत्र सगर के तारे,

सब जग को ज्ञाता ।

कृपा दृष्टि तुम्हारी,

त्रिभुवन सुख दाता ॥

॥ ॐ जय गंगे माता..॥

एक ही बार जो तेरी,

शारणागति आता ।

यम की त्रास मिटा कर,

परमगति पाता ॥

॥ ॐ जय गंगे माता..॥

आरती मात तुम्हारी,

जो जन नित्य गाता ।

दास वही सहज में,

मुक्त्ति को पाता ॥

॥ ॐ जय गंगे माता..॥

ॐ जय गंगे माता,

श्री जय गंगे माता ।

जो नर तुमको ध्याता,

मनवांछित फल पाता ॥

ॐ जय गंगे माता,

श्री जय गंगे माता ।

Wednesday, December 4, 2024

मां अन्नपूर्णा की कृपा के लिए करें ये काम, कभी खाली नहीं होंगे अन्न के भंडार

    


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मां अन्नपूर्णा की कृपा के लिए करें ये काम, कभी खाली नहीं होंगे अन्न के भंडार

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि पर अन्नपूर्णा जयंती (Annapurna Jayanti 2024) मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर माता पार्वती ने मां अन्नपूर्णा का रूप धारण किया था और संसार को अन्न की कमी से बचाया था। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्ति के लिए कौन-से कार्य कर सकते हैं।

हिन्दू धर्म में मां अन्नपूर्णा को संसार की भरण-पोषण की देवी के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि अन्नपूर्णा देवी की कृपा से साधक के अन्न के भंडार सदा भरे रहते हैं। इसी के साथ रसोई घर में भी मां अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। तो चलिए जानते हैं कि ऐसे कौन-से कार्य हैं, जिन्हें आप अपने रसोई घर में करके माता अन्नपूर्णा की कृपा की प्राप्ति कर सकते हैं।

अन्नपूर्णा जयंती मुहूर्त (Annapurna Jayanti Shubh Muhurat)


साल 2024 में मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 14 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट पर हो रहा है। साथ ही, इस तिथि का समापन 15 दिसंबर को दोपहर 01 बजकर 01 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, अन्नपूर्णा जयंती रविवार, 15 दिसंबर को मनाई जाएगी।

दिसंबर महीने में इतने दिन बजेगी शहनाइयां, नोट करें शुभ मुहूर्त एवं तिथि

    


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दिसंबर महीने में इतने दिन बजेगी शहनाइयां, नोट करें शुभ मुहूर्त एवं तिथि

 दिसंबर महीने में कुल मिलाकर 8 दिन विवाह मुहूर्त (December 2024 Wedding Dates) है। अगहन महीने की एकादशी एवं त्रयोदशी तिथि विवाह के लिए उत्तम है। एकादशी और त्रयोदशी तिथि पर विवाह करने की सलाह देते हैं। हालांकि विवाह से पूर्व कुंडली मिलान अवश्य करा लें। इस महीने में आत्मा के कारक सूर्य देव राशि परिवर्तन करेंगे।


  1. अगहन का महीना भगवान कृष्ण को समर्पित है।
  2. इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है।
  3. अगहन महीने में विवाह करना बेहद शुभ होता है।
December 2024 Vivah Muhurat: वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव संग मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाएगी। आत्मा के कारक सूर्य देव 15 दिसंबर को राशि परिवर्तन करेंगे। वर्तमान समय में सूर्य देव वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। वहीं, 15 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव के धनु और मीन राशि में रहने के दौरान खरमास लगता है। खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इसके लिए दिसंबर महीने में 14 दिसंबर तक विवाह का लग्न मुहूर्त है। आइए, दिसंबर महीने में विवाह मुहूर्त की तिथियां जानते हैं-

कब लगेगा खरमास?

ज्योतिषियों की मानें तो 15 दिसंबर को आत्मा के कारक सूर्य देव धनु राशि में गोचर करेंगे। अतः 15 दिसंबर से खरमास लगेगा। इस राशि में सूर्य देव 30 दिनों तक रहेंगे। इसके बाद धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे। मकर राशि में सूर्य देव के गोचर करने के साथ ही खरमास समाप्त होगा। खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूर्य देव 14 दिसंबर को सुबह 08 बजकर 55 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। इस दिन मकर संक्रांति है।

दिसंबर माह विवाह मुहूर्त

  • 5 दिसंबर को विवाह मुहूर्त है। 5 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी एवं पंचमी तिथि है। इस शुभ अवसर पर विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। विनायक चतुर्थी विवाह के लिए शुभ दिन है। इस दिन उत्तराषाढा और श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही वृद्धि एवं ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। कुल मिलाकर कहें तो 5 दिसंबर का दिन विवाह के लिए उत्तम है।
  • 10 दिसंबर को विवाह मुहूर्त है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इसके अगले दिन एकादशी है। इस दिन उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। कुल मिलाकर कहें तो 10 दिसंबर का दिन विवाह के लिए उत्तम है।
  • 11 दिसंबर को विवाह मुहूर्त है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 11 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी है। यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। शादी के लिए एकादशी तिथि उत्तम मानी जाती है। इस दिन रेवती और अश्विन नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही रवि योग का संयोग बन रहा है। 11 दिसंबर का दिन विवाह के लिए श्रेष्ठकर है।
  • 13 दिसंबर को विवाह मुहूर्त है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 13 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस शुभ अवसर पर प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि पर विवाह करना उत्तम होता है। इस दिन शिव एवं सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। 13 दिसंबर का दिन विवाह के लिए उत्तम है।
  • 14 दिसंबर को विवाह मुहूर्त है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। दिसंबर महीने में चतुर्दशी तिथि पर विवाह मुहूर्त है। यह दिसंबर महीने का अंतिम विवाह मुहूर्त है। इस दिन सिद्ध एवं साध्य योग का संयोग बन रहा है।

दिसंबर महीने में इतने दिन बजेगी शहनाइयां, नोट करें शुभ मुहूर्त एवं तिथि

   


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दिसंबर महीने में इतने दिन बजेगी शहनाइयां, नोट करें शुभ मुहूर्त एवं तिथि

दिसंबर महीने में कुल मिलाकर 8 दिन विवाह मुहूर्त (December 2024 Wedding Dates) है। अगहन महीने की एकादशी एवं त्रयोदशी तिथि विवाह के लिए उत्तम है।  एकादशी और त्रयोदशी तिथि पर विवाह करने की सलाह देते हैं। हालांकि विवाह से पूर्व कुंडली मिलान अवश्य करा लें। इस महीने में आत्मा के कारक सूर्य देव राशि परिवर्तन करेंगे।


मार्च 2025 शुभ मुहूर्त: मार्च में बन रहे हैं कई शुभ मुहूर्त, लिस्ट देखकर धार्मिक आयोजनों का प्लान

  मार्च 2025 शुभ उत्सव: मार्च में बन रहे हैं कई शुभ उत्सव, लिस्ट देखने वाले धार्मिक आयोजनों के प्लान हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक या शुभ क...